मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
गुरुवार, 1 सितंबर 2022
दोहा-खादी के तलवे नहीं
खादी के तलवे नहीं,
खुद की होवे धाक।
चौथा स्तम्भ जान लो,
लिखता जो बेबाक। ।
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