मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शनिवार, 12 अप्रैल 2025
कविता में जिंदा
मुझे भूल नहीं पाओगे,
तुम्हारे दिल का वासिन्दा रहूंगा,
मैं मर भी गया अगर,
अपनी कविता में जिंदा रहूंगा
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