कलेक्टर की कुर्सी पर बैठकर,
गधे ने घोड़े की आवाज लगाई,
आवाज सुनते ही गधी,
झट से बाहर आयी,
बोली! क्योंजी!
गधा होकर घोड़े की,
आवाज लगाओगे!
लेकिन यह तो बताओ,
गधे की जात में रहकर,
घोड़े का गुण,
कहाॅं से लाओगे!
गधे ने घोड़े की आवाज लगाई,
आवाज सुनते ही गधी,
झट से बाहर आयी,
बोली! क्योंजी!
गधा होकर घोड़े की,
आवाज लगाओगे!
लेकिन यह तो बताओ,
गधे की जात में रहकर,
घोड़े का गुण,
कहाॅं से लाओगे!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें