यहां पर है-

बुधवार, 18 जून 2025

बहुत है

बुराई तो लोग यूं ही करते हैं,
तेरी अच्छाइयों पर अड़े तो बहुत है,
जान देने की बात यूं ही बोल जाते हैं,
तेरे बैरियों से जुबां लड़े तो बहुत है,
छोटा दिखाने वालों की कमियाँ कहाँ है,
कुछ ही तेरे लिए बने बड़े तो बहुत है,
लोगों के पास जरा भी समय नहीं है प्यारे,
तेरी जलती चिता पर रहे खड़े तो बहुत है

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