देश के काम करने, बेकारों को मत भेजो। कड़े क़ानून बनाने, बीमारों को मत भेजो।। एक ही काफी है, विवेकानंद बनने को, भीड़ बढ़ाने को यूं, हजारों को मत भेजो।।
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