मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
रविवार, 4 सितंबर 2022
दोहा- कवि होय पत्रकार
कवि होय पत्रकार हो,
दोनों मानें एक।
कर्तव्य से भटके नहीं,
काम करें हम नेक। ।
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