यहां पर है-

बुधवार, 31 अगस्त 2022

दोहा- जुर्म बढ़े इस देश में

जुर्म बढ़े इस देश में, 
जग हांसे हम रोय।
नाबालिग दोषी भए, 
तब भी फांसी होय। ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें