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रविवार, 6 अप्रैल 2025

चार कन्धों की कहानी

क्या बुढापा, क्या बचपन,
क्या जवानी है,
अरे अहंकारी मनुष्य,
चार कंधों पर खतम,
तेरी पूरी कहानी है

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