मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
रविवार, 6 अप्रैल 2025
चार कन्धों की कहानी
क्या बुढापा, क्या बचपन,
क्या जवानी है,
अरे अहंकारी मनुष्य,
चार कंधों पर खतम,
तेरी पूरी कहानी है
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें