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शनिवार, 16 सितंबर 2023

नई सुहावय

जादा मंता भोगा जथे त,
हंसी ठिठोली नई सुहावय,
जादा बिमरहा होय म,
दवई गोली नई सुहावय,
गरीबहा के दिन बहुरथे त,
छिदका खोली नई सुहावय, 
अउ जवान होथे लइका त,
सियान के बोली नई सुहावय

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