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गुरुवार, 2 फ़रवरी 2023

दाई ददा ल पेर मत

दुख तकलीफ के रस्सी म,
घर वाले मन ल घेर मत, 
सरवन बरोबर नई बन सकस त,
अपन मन के रावण ल हेर मत,
चुल्लू भर पानी म भले,
तैं बुड़ के मर जा,
फेर जीयत जीयत म,
दाई ददा ल पेर मत

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