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रविवार, 10 जुलाई 2022

लेख बाण

हे पार्थ!
कल्पना से जागो, 
यथार्थ पर आओ, 
आज अनगिनत शत्रु
समस्याओं के रूप में,  
तेरे इर्द गिर्द 
घूम रहे हैं हैं,  
उन पर 
अपना लेख बाण चलाकर
 कर्तव्य पूर्ण करो...

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