यहां पर है-

सोमवार, 26 जुलाई 2021

दोहा-माली बैठा बाग में

माली बैठा बाग में,
रह रहकर पछताय।
बोया जो काटा कभी,
फूल कहां से आय।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें