एक बलिष्ठ बांका नौजवान विकलांग को देखकर हँसा, विकलांग ने उस बलिष्ठ से कहा- क्या सिद्ध करना चाहते हो, अपनी कुटिल हँसी की दीवारों से, विकलांग तो मैं और तुम दोंनो हैं, मैं अपने शरीर से, तुम विचारों से...
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