मेरे भी चित्र पर हार होगा
जब मेरा वजूद आसमाॅं के पार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा,
लोग आएंगे,
महफिलें सजाएंगे,
भीड़़ होगी घर पर मेरे,
ताज होगा सर मर मेरे,
खामोशी से सबको मेरा इंतजार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
फूल बिछेंगे मेरी राहों में,
लोग लिपटेंगे मेरी बाहों में,
सर झुके रहेंगे मेरे सामने,
लोग कुछ न कहेंगे मेरे सामने,
जिंदगी का मौत से इजहार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
मुझ पर कपड़ों की बरसात होगी,
सिर्फ मेरी ही मेरी बात होगी,
कंधे पर खुद ही बिठाएंगे मुझको,
पैरों पे चलकर घुमाएंगे मुझको,
पंचतत्व से मेरा सरोकार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
बातें वही तमाम होंगी,
वही सुबह और शाम होंगी,
पर कोई ऐसी भी शाम होगी,
जो बस मेरे ही नाम होगी,
और मेरी यादों का गुलजार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
जब मेरा वजूद आसमाॅं के पार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा,
लोग आएंगे,
महफिलें सजाएंगे,
भीड़़ होगी घर पर मेरे,
ताज होगा सर मर मेरे,
खामोशी से सबको मेरा इंतजार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
फूल बिछेंगे मेरी राहों में,
लोग लिपटेंगे मेरी बाहों में,
सर झुके रहेंगे मेरे सामने,
लोग कुछ न कहेंगे मेरे सामने,
जिंदगी का मौत से इजहार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
मुझ पर कपड़ों की बरसात होगी,
सिर्फ मेरी ही मेरी बात होगी,
कंधे पर खुद ही बिठाएंगे मुझको,
पैरों पे चलकर घुमाएंगे मुझको,
पंचतत्व से मेरा सरोकार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
बातें वही तमाम होंगी,
वही सुबह और शाम होंगी,
पर कोई ऐसी भी शाम होगी,
जो बस मेरे ही नाम होगी,
और मेरी यादों का गुलजार होगा,
उस दिन मेरे भी चित्र पर हार होगा।
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