भारत सरकार ने कानून बनाया,
'रेलवे परिसर में बीड़ी-सिगरेट पीना,
दण्डनीय अपराध है'
हम ट्रेन में सफर कर रहे थे तभी,
एक महोदय को हमने बीड़ी पीते देखा,
हमने उन्हें कानून की दुहाई देकर रोका,
'कि बीड़ी पीना दण्डनीय अपराध है'
ये शरीर के लिए व्याध है,
उसने हमें उलटकर दिया-
"हम कमाता है तो उड़ाता है,
इसम तेरे बाप का क्या जाता है?
उनकी बातों को सुनकर,
हमारा मुँह बन्द हो गया,
अब सिगरेट और बीड़ी का गंध,
मजबूरी में सुगंध हो गया,
हम सोचने लगे- 'देश के लोगों में,
सरकार के प्रति कैसा जुनून है,
हर जगह सिगरेट के धुएँ में,
आसानी से उड़ रहा कानून है।
यहां पर है-
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
उड़ रहा कानून है
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