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गुरुवार, 3 मई 2018

सियान बिन समाज

सरहा लकड़ी बरोबर
जिनगी घुन्ना हो जाही,
मान-मर्यादा संस्कृति हर
अधरहा अउ उन्ना हो जाही,
गहना बरोबर सहेजव सियान ल,
बिन सियान के घर संग
देश अउ समाज सुन्ना हो जाही..

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