यहां पर है-

शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

बोइर सही झर जबे

बोइर सही झर जबे
दारू पिके मर जबे,
चढ़ती जवानी म तैं
कोकवा कोंघर जबे,
गारी देही सब झिन,
दारू पिबे अब झिन,
बिमरहा बरोबर तैं
खटिया म पर जबे।

छोकरा के शान जाही,
छोकरी के मान जाही
डोकरी अउ डोकरा के,
जीयत परान जाही
बाई कठल रोही गाही,
काला काला गोहराही,
एक दारू बैरी सेती
जम्मो शमशान जाही।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें