बोइर सही झर जबे
दारू पिके मर जबे,
चढ़ती जवानी म तैं
कोकवा कोंघर जबे,
गारी देही सब झिन,
दारू पिबे अब झिन,
बिमरहा बरोबर तैं
खटिया म पर जबे।
छोकरा के शान जाही,
छोकरी के मान जाही
डोकरी अउ डोकरा के,
जीयत परान जाही
बाई कठल रोही गाही,
काला काला गोहराही,
एक दारू बैरी सेती
जम्मो शमशान जाही।
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