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सोमवार, 16 अक्टूबर 2017

रुख बदलने वाला है

वह देखो कुछ दूर वीराने में उजाला है,
शायद! हवा का रुख बदलने वाला है!
अभी अभी बदलियों ने इशारे बाजी की है,
कुछ मौन वालों ने भी दस्तक दी है,
किसी ने कहीं पर तो मोर्चा संभाला है,
शायद! हवा का रुख बदलने वाला है!
स्तब्धता में भी सुगबुगाहट है,
गंभीरता में भी मुस्कुराहट है,
सीरे की समाप्ति का अंदेशा,
आखिर उसे हो ही गया,
इसीलिए मधुकर ने 'पुष्प' बदल डाला है,
शायद! हवा का रुख बदलने वाला है!!!

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