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रविवार, 11 जून 2017

ढपोल शंख

जनता के भलाई के रद्दा अइसन
जइसे नेता के भुरभुरहा आश्वासन,
किसान होगे धकधकहा
अउ पोट-पोट करत हे टूरा,
जनता होगे गर
अउ नेता होगे छूरा,
नेता के गोठ हवय अइसन
जइसे कोकड़ा खाय किरी हे
अवइया पंचवर्षी म जिता दव
तहाँ सब्बो चीज फिरी हे,
घोसना के तब्बल म
किसान के गला ल रेता,
लबरी हवय राजनीति
ढपोल शंख हवय नेता.....

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