मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शुक्रवार, 15 अगस्त 2025
मिथ्या संसार
संसार दिवा स्वप्न है,
तेरा कोई सपना नहीं है,
जगत तो मिथ्या है,
माया मोह में तपना नहीं है,
प्रभु दे रहे सतत प्रेरणा,
धरती पर कोई अपना नहीं है
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