यहां पर है-

बुधवार, 7 मई 2025

बिहाव के संउख

लोगन के संउख,
कइसन चर्राय परत हे,
लइका कमावत नई हे,
तभो ओखर बिहाव करत हे,
तहां संझा बिहिनिया,
अपन जीव चुरोवत हें,
काम-बुता अउ घर खर्चा बर,
मतंग झगरा होवत हें

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें