मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शनिवार, 19 अप्रैल 2025
झूठा संसार
दिखता है, पर कोई संसार नहीं है,
तुम अकेले हो, कोई घरबार नहीं है,
जहां रहना नहीं, दिल लगा बैठे हो,
पर जहां जाना है, उनसे प्यार नहीं है
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