यहां पर है-

बुधवार, 23 अक्टूबर 2024

कभी कभी

कभी कभी ही सही
तेरा आना बहुत है,
गुमनाम सी दुनिया में
तेरा ठिकाना बहुत है,
खून के रिश्ते तो
दूर खड़े हैं मेरी मौत पर,
दोस्ती ही सही
तेरा निभाना बहुत है...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें