मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
सोमवार, 27 नवंबर 2023
पडी की पडी रह जाएगी
ये राजनीति रुतबा शौहरत,
धरी की धरी रह जाएगी,
गुमान अहंकार की पोटली,
भरी की भरी रह जाएगी,
जिसके बल पर गरजते हो,
उनका भी क्य़ा भरोसा हुजूर,
क्या पता तेरी लाश जमीन पर,
पड़ी की पड़ी रह जाएगी
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