मित्रता जीवन से बड़ी है,
मित्रता जिंदगी का अंग है,
मित्रता ही होती संग है,
मित्रता हम सब के लिए खास है,
मित्रता ही मित्रों के पास है,
मित्रता बुजुर्ग और बच्चा है,
मित्रता ही तो सबसे सच्चा है,
मित्रता ही प्रेम और सहयोग है,
मित्रता में सद्भाव का योग है,
मित्रता में अपनत्व का साया है,
मित्रता में ईश्वर की छाया है,
मित्रता में ही पूरा संसार है,
मित्रता जीवन का सार है...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें