मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
बुधवार, 7 दिसंबर 2022
मुस्कराने की
जिन्होंने कसमें खाई थीं,
साथ निभाने की,
जिन्हें परवाह नहीं थी,
नये जमाने की,
वे भी आजकल मुह
फेरकर बैठे हैं,
जो बातें करते थे,
सदा मुस्कराने की
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