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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

गुरु घासीदास का वन्दन है

जिनके स्मरण मात्र से ही, 
मानवता का स्पन्दन है, 
जिस सत्य के आलोक से,  
मानव जाति हो रहा धन धन है, 
जिनके ज्ञान का प्रकाश ही, 
माथे का दिव्य चन्दन है, 
गुरु घासीदास के अवतरण दिवस पर, 
उनके चरणों में कोटिशः वंदन, अभिनन्दन है

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