मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शनिवार, 6 अगस्त 2022
मुक्का रहि तैं
कखरो मरनी गे हवस,
शोकहार तैं बनके,
हंसी मजाक म बूड़े हवय,
मरघटिया म मनखे,
चिता सजे तैयार हे
शोकमगन परिवार
दुखवाले परिवार बर,
दुखहारी तैं बनके,
शोकहार बन गे हवस त,
मुक्का रहि तैं मनखे...
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