मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शनिवार, 27 अगस्त 2022
अहंकार खोज रहा है
जो शख्शियत गया,
वही था कि नहीं,
बार बार सोच रहा है,
पागल है चिता में
गुमान और अहंकार खोज रहा है...
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