मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
बुधवार, 10 अगस्त 2022
तेरे भीतर है ब्रम्हांड
खुद से ही खुद को
मार क्यों रहा है,
जीत सामने है फिर
हार क्यों रहा है,
हौसले बुलंद कर,
खुद की शक्ति पहचान,
फतेह से पहले
रुक मत,
तेरे भीतर ही है ब्रह्माण्ड...
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