प्राण निकले, आंखें खुली, आस रह गई, रह-रहकर, प्रभुदर्शन की प्यास रह गई, हारा मन, जीती मृत्यु, आशाएँ उदास रह गईं, मिटा शरीर, हँसी मिट्टी, केवल घास रह गई।
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