यहां पर है-

सोमवार, 7 जनवरी 2019

हमरे-तुंहरे चोचला

चोचला के तरिया म,
मोर देश बुड़गे आज,
उल्ला होगे बड्डे,
छरियागे लोक-लाज,
बुझावत हवे मोमबाती,
मुँह म चुपरय केक,
झुमरत हवे बइहा कस,
ढोंकत हवे पेग,
पोक्खा मोरे गोठ हे,
कान म अपने खोंच ला,
हमरे टोंटा मसकत हवे,
हमरे-तुंहरे चोचला।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें