दिवस मान के भोभरावव झन, भेड़िया धंसान मेछरावव झन, बेटा ल खवाके जेन भूख सहिथे, का ओकर दिन एके ठन रहिथे, लईका मन बर पूरा जीवन ढोथे, ओ दाई के दिवस रोज होथे।।
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