घुनहा भाग म बड़जन छेदा, जनता आमा नेता लबेदा, विकास के सपना देखावत हे, योजना के कोहा कोहावत हे, किसान पिसा गे पिसान कस, जिनगी होगे मसान कस, जम्मो आस रट ले टूट गे, जिये के आस म जीव छूट गे...
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