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शनिवार, 17 दिसंबर 2016

हद करथे बिलई

3. हद करथे बिलई
हद करथे बिलई,
अपन खाथे मलई,
अउ खली छोड़य कलई,
घर में लगा के तारा ल,
चल देबे आन पारा ल,
तभोले बिलई हर,
झड़क देथे झारा ल,
छानही बरेंडी मियार ले,
कूदत फांदत आथे,
कोनो मेर ले कइसनों करके,
घर में खूसर जाथे,
दूध-दही ल खाके कहिथे,
बाॅंचगे तेला चाटिन,
अपन-अपन पिलवा ल लाके,
सबो झिन ल बाॅंटिन,
आखिर गुन के न जस के,
कतको मरबे भलई,
हद करथे बिलई,
अपन खाथे मलई,
अउ खाली छाड़य कलई ।।

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