चांद के हूशन की दीवानगी, दूर तक सितारों में है, इष्क के हर रूप का नजारा, गुलशन और बहारों में है, और सुना है आजकल, इष्क करना वे भी सिखा रहे हैं, जिनकी बेवफाई के किस्से, हजारों में है....
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