जब मैं कहेंव मोर गांव के, चिखला चन्दन अस आय, भुइँया म जब लोटबे, महर महर ममहाय। कुटहा परे नेता , जनता के गारी खाय, मोर गोठ सुन मुच्मुच्च, नेता हर मुस्काय, नेता कहे- मनोजवा, तोर गोठ सिरतोन ताय, कईसे पक्की करावं रोड ल, जब रोड चन्दन आय।।
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