पइसा
आय पइसा-आय पइसा,
जेती देखव हाय पइसा,
पइसा हर दाई-ददा,
पइसा हर भगवान,
मनखे के मोल नइये,
पइसा हे महान,
बाबू के आफिस म,
जाबे बिना पइसा,
गोठियाही वो हर बाद म,
पहिली मारही जइसे भंइसा,
जीयत भर कमाये पइसा,
मिलगे तैं हर माटी म,
जेने ल खवाये संग म,
तेने नई गिसा तोर काठी म।।
मनोज कुमार श्रीवास्तव
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