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शनिवार, 17 दिसंबर 2016

क़ानून चाही

अब कोनो कड़ा कानून पास होना चाही,
संसद म देशभक्ति के अहसास होना चाही।
पापी मन जुर्म करे के पहिली,
अपन परिणाम ल भांप जाए,
अपराधी ल अइसे सजा मिलय,
के ओखर आत्मा कांप जाए।

हर अमानवीय अपराध बर,
मृत्युदंड होना चाही,
अमानवीयता के चित्र देखा-देखा के,
आगी म चुरोना चाही।

अतका अपराध होवत हे तभो ,
नेता मन ध्रितराष्ट्र कस खुर्सी टोरत हें,
मोला अइसे लगथे कि अपने घरवाले संग,
कोनो अपराध होय बर अगोरत हे।

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