मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
रविवार, 31 जुलाई 2022
रुपाजीवा
रूपाजीवा के
कृत्य पर
आलोचना समालोचना
प्रथम दृष्टया सही है
किन्तु,
जीविकोपार्जनार्थ
पुनरावृत्ति
नवीन असहज
संसर्ग में सहज होना,
सहज नहीं है...
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