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रविवार, 13 फ़रवरी 2022

बौराय कस लगही

काही खाय बरोबर
भकुवाय कस लगही
काखरो बर जबरन
खखुवाय कस लगही
अरे अकेला अकेला 
अकेला जी के काय करबे,
अकेला रहिबे त अपने अपन 
बौराय कस लगही...

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