मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
रविवार, 13 फ़रवरी 2022
बौराय कस लगही
काही खाय बरोबर
भकुवाय कस लगही
काखरो बर जबरन
खखुवाय कस लगही
अरे अकेला अकेला
अकेला जी के काय करबे,
अकेला रहिबे त अपने अपन
बौराय कस लगही...
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