यहां पर है-

शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

जहर बेचने लगे हैं

जो आये थे रोजमर्रा की चीजें बेचने, 
आजकल शहर बेचने लगे हैं ,
शांति की दुकान खोल तो ली है, 
मगर कहर बेचने में लगे हैं, 
लगता है साँपों का टेंडर भी छीन लिया है, 
तभी नेता जी आजकल जहर बेचने लगे हैं...

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें