मनोज श्रीवास्तव नवागढ़
यहां पर है-
शुक्रवार, 3 मई 2019
कृष्ण
कर ना पाऊँ मैं कभी,
कृष्णा तेरा काज,
निज के भीतर देख कर,
आवत मोहे लाज।।
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